आपकी मर्जी से टूटे

आपकी मर्जी से टूटे

आपकी मुस्कान कभी होटो से ना छुटे,

दुनिया में आपसे कभी कोई ना रूठे,

महरबान हो खुदा इतना आप पर की

आसमान के तारे भी आपकी मर्जी से टूटे…

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