आज़ादी पहुंची थी किनारे पे

आज़ादी पहुंची थी किनारे पे

चलो फिर से आज वो नज़ारा याद कर ले,

शहीदों के दिल में थी वो ज्वाला याद कर ले,

जिसमे बहकर आज़ादी पहुंची थी किनारे पे,

देशभक्तों के खून की वो धारा आज याद कर ले…!!!

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