आशिक़ी के गुलाम ही हो गए

आशिक़ी के गुलाम ही हो गए

तेरे शहर में आ कर बेनाम से हो गए,

तेरी चाहत में अपनी मुस्कान ही खो गए,

जो डूबे तेरी मोहब्बत में तो ऐसे डूबे,

कि जैसे तेरी आशिक़ी के गुलाम ही हो गए…।

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