इन आँखों मे आसुओं का सैलाब है

इन आँखों मे आसुओं का सैलाब है

जानें क्यों ये दोस्त सासों की डोर टूटने नहीं देते,
बस दो कदम और चलने का वास्ता देकर मुझे रूकने भी नहीं देते ।
बात कहते है वो मुझसे हस हस के जीने की,
बड़े प्यारे है ये दोस्त मुझे चेन से रोने भी नहीं देते।
आज हौसला देते है मुझे चाँद सितारों को छूने का,
वो प्यारे से चेहरे मुझे टूट कर गिरने भी नही देते।
“शायद” जानते है वो भी कि इन आँखों मे आसुओं का सैलाब है,
फिर जाने क्यों इन आँखों को भिगोने भी नहीं देते…..!!

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