आज भी उस मोड़ पर खड़े हैं

आज भी उस मोड़ पर खड़े हैं

मुस्कारते पलकों पे सनम चले आते हैं,

आप क्या जानो कहाँ से हमारे गम  आते है,

आज भी उस मोड़ पर खड़े हैं,

जहा किसी ने कहा था के ठहरो हम भी आते है…

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