Monthly Archives: April 2016

लफ्जो की तरह मुझे किताबो में मिलना

लफ्जो की तरह मुझे किताबो में मिलना

लफ्जो की तरह मुझे किताबो में मिलना, तु बन के महक मुझे गुलाबो में मिलना, जब भी मुझे तेरी याद आये तो, बनके आंसु मेरी आँखों में मिलना...!!!Read more

किसी दिन तेरी नज़रों से दुर हो जाएंगे हम

किसी दिन तेरी नज़रों से दुर हो जाएंगे हम, दूर फिज़ाओं मे कहीं खो जाएंगे हम, मेरी यादों से लिपट के रोने आओगे तुम, जब ज़मीन को ओढ़ के सो…Read more
नज़रों को जो दीदार तुम्हारा मिल गया

नज़रों को जो दीदार तुम्हारा मिल गया

मुझको फिर  वही सुहाना नज़ारा मिल गया नज़रों को जो दीदार तुम्हारा मिल गया और किसी चीज़ की तमन्ना क्यों करू जब मिझे तेरी बाहों में सहारा मिल गयाRead more

अपनी तो जिन्दगी भी अजीब कहानी है

अपनी तो जिन्दगी भी अजीब कहानी है जिस चीज को चाहा वो ही बेगानी है हँसते है तो सिर्फ दोस्तों को हँसाने के लिए वरना इन आँखों में बस पानी…Read more

मैं तोड़ लेता अगर तुम गुलाब होती

मैं तोड़ लेता अगर तुम गुलाब होती, मैं जवाब बनता अगर तुम सवाल होती, सभी जानते है की में नशा करता नही, फिर भी पी लेता अगर तुम सवाल होती...!!!Read more

मोहबत के बिना ज़िंदगी फिजुल है

मोहबत के बिना ज़िंदगी फिजुल  है, पर मोहबत  के भी अपने  उसुल  है, कहते है मिलती है मोहब्बत में बहुत उल्फ़ते, पर आप हो महबूब तो सब  कबुल  है...!!!Read more

हमारी दीवानगी हर राज़ खोल देती है

हमारी दीवानगी हर राज़ खोल देती है, हमारी ख़ामोशी  हर बात बोल देती है, शिकायत है तो केवल इस दुनिया से, जो दिल के जज़्बात भी पैसो में तोल देती…Read more