Monthly Archives: September 2015

कोशिश न कर

कोशिश न कर

तू जिंदगी को जी, उसे समझने की कोशिश न कर सुन्दर सपनो के ताने बाने बुन, उसमे उलझने की कोशिश न कर चलते वक़्त के साथ तू भी चल, उसमे…Read more
आप की नज़र ने हमें नीलाम कर दिया

आप की नज़र ने हमें नीलाम कर दिया

इश्क ने हमें बेनाम कर दिया, हर ख़ुशी से हमें अनजान कर दिया, हमने तो कभी नही चाहा के हमें भी मोहब्बत हो, लेकिन आप की नज़र ने हमें नीलाम…Read more
दिल पे छोड़े ज़ख्म बहुत है

दिल पे छोड़े ज़ख्म बहुत है

करते रहे मिन्नतें हाथ होदे बहुत है, फिर भी उसने मेरे ही सपने तोड़े बहुत है, उसी के लिए मांगता है दिल दुआएं, जिसने इस दिल पे छोड़े ज़ख्म बहुत…Read more
अपनी रूह में बसा ले

अपनी रूह में बसा ले

अगर वो अपनी मोहब्बत हम को बना लें, हम उन का हर ख्व़ाब अपनी पलकों पर सजा ले, करेगी केसे हमे मौत उन से जुदा, अगर वोह हमें अपनी रूह…Read more
मंज़िल आ जाए

मंज़िल आ जाए

ऐ जज़्ब-ए-दिल गर मैं चाहूँ हर चीज़ मुक़ाबिल आ जाए, मंज़िल के लिए दो गाम चलूँ और सामने मंज़िल आ जाए, ऐ दिल की ख़लिश चल यूँ ही सही चलता…Read more
नज़ाकत को समझती बेटियां

नज़ाकत को समझती बेटियां

बोये जाते हैं बेटे.. पर उग जाती हैं बेटियाँ, खाद पानी बेटों को.. पर लहराती हैं बेटियां, स्कूल जाते हैं बेटे.. पर पढ़ जाती हैं बेटियां, मेहनत करते हैं बेटे..…Read more
अश्क़ बहाना चाहता हूँ

अश्क़ बहाना चाहता हूँ

दर्द-ऐ-दिल की दावा चाहता हूँ, तन्हाई में अश्क़ बहाना चाहता हूँ, सुकून मिलता है ज़माने को, जब महफ़िल में शायरी सुनाता हूँ, होश जब आता है मुझे, ऐ खुदा, खुद…Read more
ढूंढते रहे परछाइयों में हम

ढूंढते रहे परछाइयों में हम

उतरे जो ज़िन्दगी तेरी गहराइयों में हम... महफ़िल में रह कर भी रहे तन्हाईयों में हम... दीवानगी नहीं तो और क्या कहें.... इन्सान ढूंढते रहे परछाइयों में हम...Read more