थोडा थक गया हूँ

थोडा थक गया हूँ ,

दूर निकलना छोड दिया है,
पर ऐसा नहीं है की मैंने चलना छोड दिया है,

फासले अक्सर रिश्तों में दूरी बढ़ा देते हैं,
पर ऐसा नही है की मैंने अपनों से मिलना छोड दिया है,

हाँ, ज़रा अकेला हूँ दुनिया की भीड़ में,
पर ऐसा नही की मैंने अपनापन छोड दिया है,

याद करता हूँ अपनों को, परवाह भी है मन में,
बस , कितना करता हूँ, ये बताना छोड दिया…!

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