तेरी खिलखिलाहट नही होनी चाहिए

उसके होठों के फैलाव से ज्यादा, तेरी खिलखिलाहट नही होनी चाहिए,

ओढ़ ले उसकी खुशियों का लबादा, मुस्कान तेरी चूनर नही होनी चाहिए,

उसकी सोंच की हदों से ज्यादा, तेरे सपनो का कद नही होना चाहिए,

तेरी पहचान है बस उसकी जागीर अंजुम, तुझे कंही और बेनकाब नही होना चाहिए…!!!

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